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अपेंडेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ (Appendectomy) à¤à¤• तरह का ऑपरेशन (Operation) होता है, जिसके जरिठअपेंडिकà¥à¤¸ (Appendix) को निकाला जाता है.अपेंडिकà¥à¤¸ à¤à¤• पतली और छोटी-सी टà¥à¤¯à¥‚ब होती है जिसकी लंबाई 2 से 3 इंच होती है. बड़ी आंत में जहां पर मल बनता है, वहां पर ये आंत जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है. कà¤à¥€-कà¤à¥€ अपेडिंकà¥à¤¸ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो जाता है, जिससे यह सूज जाती है. इस कारण मरीज को पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दाहिने तरह à¤à¤¯à¤¾à¤µà¤¹ दरà¥à¤¦ होना, बà¥à¤–ार आना, à¤à¥‚ख कम लगना या उलà¥à¤Ÿà¥€ होने जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं. यदि अपेंडिकà¥à¤¸ पेट के अंदर फूट जाठतो बीमारी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ सकती है. अपेंडिकà¥à¤¸ के दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठही अपेंडेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ ऑपरेशन किया जाता है.
दो तरह से होती है अपेंडेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€
खà¥à¤²à¥€ अपेंडेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ : इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान पेट में à¤à¤• चीरा लगाया जाता है, जिसके जरिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° अपेडिंकà¥à¤¸ को बाहर निकालकर बाद में पेट में टांके लगाकर सिलाई कर देते हैं.
लैपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक अपेंडेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ : इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान पेट में 3 या 4 छोटे चीरे लगाठजाते हैं. उसके बाद अपेंडिकà¥à¤¸ को बाहर निकालने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° कैमरा और औजार डालकर ऑपरेशन करते हैं. इस तकनीक से ऑपरेशन करने पर मरीज का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ तेजी से ठीक होता है और दरà¥à¤¦ à¤à¥€ पहले वाली तकनीक की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम होता है. साथ ही पेट में टांके आदि के निशान à¤à¥€ नहीं रहते हैं और असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में कम समय बिताना पड़ता है.
अपेंडेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के पहले और बाद में ये रखें सावधानी
यदि पहले से कोई दवाई या जड़ी-बूटी ले रहे हैं तो अपेंडेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ ऑपरेशन के पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° को जरूर बता देना चाहिà¤. इसके अलावा à¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के बारे में à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बता देना चाहिà¤, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ रहती है. इससे डॉकà¥à¤Ÿà¤° को इलाज करने में आसानी हो जाती है. अपेंडेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ ऑपरेशन होने से पहले कà¥à¤› खाकर बिलà¥à¤•à¥à¤² न जाà¤à¤‚. वहीं ऑपरेशन के दौरान पेट à¤à¥€ साफ किया जाता है.
घाव को à¤à¥‚लकर à¤à¥€ पानी न लगने दें
अपेंडेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ ऑपरेशन के बाद ईसीजी, बीपी आदि का चेकअप किया जाता है, ताकि शरीर में कà¥à¤› परिवरà¥à¤¤à¤¨ हो रहे हों तो ततà¥à¤•ाल उसका पता चल सके. जब तक घाव सूख नहीं जाता है, तब तक खान-पान में à¤à¥€ विशेष परहेज करना होता है. ऑपरेशन होने के à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद तक सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ नहीं करना चाहिà¤. घाव पर पानी बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ न लगने दें. जब घाव सूखने लगे, इसके बाद ही शॉवर लें या सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करें.
ऑपरेशन के बाद इन बातों का रखना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
ऑपरेशन के बाद कà¥à¤› दिनों के लिठशौचालय जाने में परेशानी हो सकती है. इस परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में नियमित थोड़ा पैदल जरूर चलना चाहिà¤, ताकि पेट की मांसपेशियां à¤à¥€ लचीली बनी रहें और पाचन तंतà¥à¤° सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥ रूप से काम करे.
पाचन अचà¥à¤›à¥‡ से हो इसलिठअनाज, बीनà¥à¤¸, हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, गà¥à¤°à¥‡à¤¨ बà¥à¤°à¥‡à¤¡ खाना सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठफायदेमंद हो सकता है. ऑपरेशन के बाद 8 दिन तक तरल पदारà¥à¤¥ खाना à¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है.
अपेंडेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ ऑपरेशन के बाद कà¥à¤› मरीजों को फेफड़ों में संकà¥à¤°à¤®à¤£ की आशंका रहती है. à¤à¤¸à¥‡ में गहरी सांस लेने या खांसने वाले वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जरूर करने चाहिà¤. इस दौरान पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना à¤à¥€ फायदेमंद होता है.
जब तक पूरी तरह से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ न हो जाà¤à¤‚, तब तक à¤à¤¾à¤°à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ à¤à¥€ नहीं उठानी चाहिà¤.
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